अकबर के राजदरबार से जोड़ी गई 'अथ बायोमेट्रिक कथा, जानिए NCZCC में हुए नाटयमंचन में क्या रहा थीम

प्रयागराज,जेएनएन। निजीक्षेत्रोंमेंबायोमेट्रिककेमाध्यमसेकर्मचारियोंकीउपस्थितिदर्जकरानेकीपहलसरकारीकार्यालयोंतकपहुंचगईहै।कौनकबकार्यालयआरहाहैऔरकबजारहाहैयहमशीनमेंअंकितहोनेलगाहै।विद्यालयोंमेंशिक्षकोंकोभीइसीमाध्यमसेअपनीउपस्थितिदर्जकरानीपड़रहीहै।इसीदास्तानपर'अथबायोमेट्रिककथासमसमायिकव्यंगपरएकमंचनहुआ।व्यंगकोअकबरकेराजदरबारसेजोड़ागयाहै।व्यंगमंचनसेशुरूहुआत्रिधारानाटयमहोत्सवउत्तरमध्यक्षेत्रसांस्कृतिककेंद्रकेसभागारमेंशुक्रवारकीशामकोभारतीयसांस्कृतिककेंद्रद्वाराआयोजितत्रिधारानाट्यमहोत्सवकेपहलेदिनशिवकुमाररायलिखितऔरसंजूसाहूनिर्देशितनाटक'अथबायोमेट्रिककथाकामंचनहुआ।प्रदेशकेपूर्वसंस्कृतिमंत्रीसुभाषपांडेकेदीपप्रज्ज्वलनकेउपरांतनाटककामंचनप्रारंभहुआ।महोत्सवकेआयोजकप्रवीणशेखरनेबतायाकियहनाटकइसीनामसेलिखेगयेव्यंग्यकथाकानाट्यरूपांतरणहै।नाटकमुगलशासकअकबरकेदौरकोएकप्रतीककेरूपलियागयाहै।इसकेमाध्यमसेअकबरकेराजदरबारमेंशाहीकर्मचारियोंकीलेटलतीफीकीआदतकोसुधारनेकेलिएकिएगएप्रशासनिकसुधारकोआधुनिकरूपकोंकेसाथनाटकमेंपेशकियागयाहै। प्रस्तुतनाटककिसीभीयुगमेंकिएगएप्रशासनिकसुधार,शासककीअच्छीमंशाकेबावजूदकिसप्रकारव्यवस्थाकेभंवरजालमेंफंसतेचलेजातेहैं,कावर्तमानसंदर्भोंकेसाथएकबेहतरीनचित्रणकरताहै।आधुनिकसंदर्भोंकाचित्रणकथाकेलेखकशिवकुमाररायबतातेहैंकिबायोमेट्रिकमशीनलगाकरउपस्थितिजांचनाऔरइसप्रकारसार्वजनिककार्यालयोंकीकार्यप्रणालीमेंआमूल-चूलपरिवर्तनलानेकीकोशिशएकआधुनिकसंदर्भहैजिसेमुगलदरबारमेंआरोपितकरनेसेसहजहीहास्य-व्यंग्यकीस्थितियांनिर्मितहोतीचलीजातीहैं।साथहीसर्वशक्तिमानबादशाहकीव्यथादेखकर करुणरसकाझीनाअसरभीसमय-समयपरउत्पन्नहोताहै।अंतमेंनाटकआत्मानुशासनकोसमस्तसुधारोंकाप्रेरणास्रोतबतानेकेसाथसंपन्नहोताहै।

इनकलाकारोंनेकियामंचनशिवकुमारबतातेहैंकिअकबरकीभूमिकामेंश्वेतांककुमारमिश्र,बीरबलकेरूपमेंमदनकुमार,मानसिंहकीभूमिकामेंसंजूसाहूऔरटोडरमलकीभूमिकामेंअनूपश्रीवास्तवनेप्रभावितकिया।अभिषेकगिरी,लवकुशभारतीया,उपासनासिंह,अभिनवशुक्ला,अजयकुमार,मो.करीम,राजनसमदरियाऔरकुंवरशुक्लानेभीअपनीभूमिकाएंनिभाईं। प्रकाशव्यवस्थासुजॉयघोषाल,मंचव्यवस्थाअनूप,करीम,रहीम;रूपसज्जामोहम्महामिदनेजबकिसंगीतसंचालनकोसौरभजॉर्डननेसंभाला।छात्रजीवनसेहीसाहित्यिकरूझान नाटककेलेखकशिवकुमाररायनेराजकीयइंटरकॉलेज,इलाहाबादऔरइलाहाबादविश्वविद्यालयसेहीशिक्षाप्राप्तकीहै।छात्रजीवनसेहीसाहित्यिकरुझानहोनेकेकारणपत्रपत्रिकाओंसेजुड़ेरहे।इनकेसैकड़ोंव्यंग्यलेख,कविताएं,गजलें,समसामयिकलेखऔरकहानियांविभिन्नसमाचारपत्र-पत्रिकाओंमेंप्रकाशितहोचुकेहैं।शिवकुमारविभिन्नमंचोंपरकाव्यपाठभीकरचुकेहैं।रायकी एकपुस्तक(व्यंग्यसंग्रह)सिस्टमकेसाथ-साथचलो,मजेमेंरहोगे2011मेंजबकि2019मेंदूसरीपुस्तकगजलसंग्रहचलनकेखिलाफप्रकाशितहोचुकीहै।भारतीयराजस्वसेवा(आईआरएस)केअधिकारीशिवकुमाररायवर्तमानमेंप्रयागराजमेंहीआयकरविभागमेंएडिशनलकमिश्नरकेपदपरकार्यरतहैं।