अपराधियों पर तकनीक का डंडा चला रही है पुलिस

[अंजलिवेणुगोपालन|नईदिल्ली]पुलिसकीलाठीहीनहीं,नएजमानेकीटेक्नोलॉजीसेभीअबअपराधियोंपरलगामलगाईजारहीहै।पुलिसकोसक्षमऔरहाई-टेकबनानेकेलिएकईनईतकनीकआगईहैं।एल्गोरिदमआधारितऐपसेगैंगकापतालगाना,ब्रेकिंगन्यूजऔरवेबसाइटसेजानकारीइकट्ठाकरना,लॉक-अपमेंहरकतहोनेपरकैमरेसेअलार्मबजनेजैसीकईचीजेंइनकीवजहसेमुमकिनहोगईहैं।पंजाबपुलिसकेअसिस्टेंटइंस्पेक्टरजनरल(ऑर्गनाइज्डक्राइमकंट्रोलयूनिट)गुरमीतसिंहचौहाननेबतायाकिपुरानीरिपोर्टऔरफाइलोंकोखंगालनेकेबजायपंजाबकाइंटेलिजेंसडिपार्टमेंटऐपकीमददसेसूचनाएंजुटारहाहै।न्यूजवेबसाइटोंकीखबरोंसेऐपकेजरियेसूचनाजुटाईजातीहै।सोशलमीडियाऔरडार्कवेबभीइनऐप्सकेनिशानेपरहैं।डार्कवेबवैसेइंटरनेटकोकहाजाताहै,जिसेसर्चइंजनसेनहींढूंढाजासकता।उदाहरणकेतौरपर,सिल्करूटनामकीएकवेबसाइटहै,जिसकेजरिएनशीलीदवाएंसप्लाईकीजातीहैं।गुरुग्रामकीआर्टिफिशियलइंटेलिजेंसस्टार्ट-अपस्टेकनेऐसीगतिविधियोंकोरोकनेकेलिएPINE(पुलिसइंटेलिजेंसन्यूजएक्सट्रैक्टर)ऐपबनायाहै।स्टेककेफाउंडरअतुलरायनेबतायाकिPINEन्यूजवेबसाइटयासोशलमीडियापरखालिस्तानमूवमेंटजैसेशब्दोंकेइस्तेमालकोपकड़तीहैऔरइनसेअपराधकीआशंकावालेक्षेत्रोंकापतालगातीहै।उत्तराखंडऔरउत्तरप्रदेशकेपुलिसविभागPINEकाइस्तेमालकररहेहैं।तेलंगानाकाइंटेलिजेंसडिपार्टमेंटभीइसेयूजकररहाहै।इसकेअलावाPINEअपराधोंकेजुड़ेतारकापतालगाकरउसकेपीछेकिसगैंगकाहाथहै,उसकीजानकारीदेताहै।लगातारसुर्खियोंमेंबनीखबरोंसेजुड़ेरहनेकेलिएपहलेपुलिसकोचैनलोंपरनजररखनीपड़तीथी।अबसॉफ्टवेयरऑप्टिकलकैरेक्टररिकग्निशन(OCR)केइस्तेमालसेलगातारखबरेंमिलतीहैं।तेलंगानापुलिसकेएडिशनलडिप्टीइंस्पेक्टरजनरल(टेक्निकलसर्विसेज)रविगुप्तानेबतायाकिराज्यकीपुलिसफोर्सTSCOPनामकेऐपकाइस्तेमालकररहीहै।ऐपडेटाएनालिटिक्सकेजरिएदुर्घटना-संभावित,अपराध-संभावितऔरजल-जमावसंभावितक्षेत्रोंकीजानकारीदेताहै।इसकेबादGIS(जियोग्राफिकलइंफॉर्मेशनसिस्टम)कीमददसे'क्राइममैप'तैयारकियाजाताहै।इससेपताचलताहैकिकिसक्षेत्रमेंछेड़खानीयापॉकेटमारीजैसेअपराधहोनेकीअधिकआशंकाहै।गुप्तानेदावाकियाकिइसकेइस्तेमालसेपॉकेटमारीजैसेअपराधकोरोकनेमेंमददमिलीहै।दिल्लीपुलिसभीअपराधकीमैपिंगकरतीहै।इसकेएडिशनलडिप्टीकमिश्नरशोभितसक्सेनानेबतायाकिरातकोसड़कोंपरहोनेवालेअपराधघटेहैं।दिल्लीपुलिसGPSवालीबाइककाभीइस्तेमालकररहीहै,जोपुलिसकेपेट्रोलिंगरूटकोट्रैककरतीहै।यहांकीजेलोंमेंऐसेकैमरेलगाएगएहैं,जिनसेअसामान्यगतिविधियांहोनेपरअलार्मबजताहै।सक्सेनानेकहाकिइससेअपराधियोंकोजेलसेभागनेसेरोकनेमेंमददमिलेगी।राजस्थान,यूपी,उत्तराखंड,पंजाब,दिल्लीऔरतेलंगानाकीपुलिसफेशियलरिकग्निशन(चेहरेकीपहचान)केलिएपहलेसेआर्टिफिशियलइंटेलिजेंसकाइस्तेमालकररहीहैं।अधिकारियोंकाकहनाहैकिCCTVकैमराऔरफेस-आइडेंटिफिकेशनसेसंदिग्धव्यक्तियोंकोपकड़नाआसानहोगयाहै।