बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ अभिभावकों की भागीदारी जरूरी

सुरही(बेरमो):प्रोजेक्टकन्याउच्चविद्यालयनावाडीहपरिसरमेंबुधवारकोअभिभावकशिक्षक(पीटीए)गोष्ठीकाआयोजनराज्यपरियोजनाप्रतिनिधिअलिशागुड़ियाकीदेखरेखमेंकियागया।अलिशागुड़ियानेकहाकिबच्चोंकेसर्वांगीणविकासमेंशिक्षकोंवअभिभावकोंकीभागीदारीबेहदजरूरीहै।बच्चोंकेव्यक्तित्वसेजुड़ीबातोंकोशिक्षकअभिभावककेसमझनेपरहीबच्चोंकोआत्मनिर्भरबनायाजासकताहै।विद्यालयकेविकासमेंसमुदायकीओरसेअंशदानकीमहत्तापरभीप्रकाशडालागया।बच्चोंकीशैक्षणिकप्रगति,विकासएवंगतिविधियोंपरचर्चाकरनेएवंखामियांकोदूरकरनेकेलिएशतप्रतिशतअभिभावकोंकीउपस्थितिजरूरीहै।

यहांप्रधानाध्यापकराजीवरंजनतिवारीनेछात्रोंकीनियमितउपस्थितिपरजोरदिया।अभिभावकोंकोघरमेंबच्चोंकीपढ़ाईमेंमददकरने,विद्यालयकोस्वच्छबनाने,बच्चोंकासर्वांगीणविकासवसांस्कृतिककार्यक्रममेंहिस्सालेनेकोप्रेरितकरनेकोकहा।मुखियासुरेशकुमारमहतोनेकहाकियहविद्यालयकाचयनआदर्शविद्यालयकेरूपमेंकियागयाहै।उन्होंनेमातापिताकेसाथबच्चोंकेशैक्षणिकविकासकेलिएसकारात्मकपहलकरनेकीभीबातकही।इसदौरानमाता-पितावबच्चोंकेबीचकईमनोरंजकखेलकाआयोजनकरकार्यक्रमकोआकर्षकवरोचकबनायागया।मौकेपररोशनकुमारसिंह,बीआरपीचमनलालजोशी,एसएमसीअध्यक्षकरमीदेवी,उपाध्यक्षउर्मिलादेवी,शिक्षकआनंदकुमारमहतो,प्रवीणकुमाररजवार,प्रवीणकुमार,पूनमकुमारी,शशिभूषणकुमार,अभिभावकोंमेंधनेश्वरीदेवी,गीतादेवी,सुमित्रादेवीपार्वतीदेवी,नसीमाखातूनडोलीकुमारी,किरणकुमारी,सूर्यदेवमहतो,भोलानायक,अनवरअंसारीमौजूदथे।