बिखराव का शिकार विपक्ष: बिहार चुनाव के बाद कई विपक्षी दलों में कांग्रेस के प्रति अविश्वास और भी गहरा हो गया है

[ प्रो.रसालसिंह]:आजभारतकेविपक्षीदलोंमेंपरस्परअविश्वासऔरबिखरावचरमपरहै।विपक्षकालगातारसिकुड़तेजानालोकतांत्रिकव्यवस्थाकेलिएशुभसंकेतनहींहै।हालांकियहभीसत्यहैकिआजजोकांग्रेसहाशियेपरहै,उसनेभीलगभग50वर्षतकविपक्षविहीनशासनकियाहै।विपक्षकीनगण्यउपस्थितिनेहीकांग्रेसकेअंदरअधिनायकवादीप्रवृत्तियोंकोपैदाकियाऔरअंतत:25जून,1975केदिनआपातकालकोसंभवकिया।2014और2019केलोकसभाचुनावोंमेंइसीकांग्रेसकाप्रदर्शनइतनानिराशाजनकथाकिवहनेताप्रतिपक्षपदप्राप्तिकीसंवैधानिकअर्हताकोभीपूरानकरसकी।साथहीआजवहउत्तरप्रदेश,बिहार,बंगाल,तमिलनाडुजैसेबड़ेराज्योंऔरतेलंगाना,ओडिशा,झारखंड,दिल्लीजैसेछोटेराज्योंमेंअप्रासंगिकहोगईहै।गौरतलबहैकिइनराज्योंमेंलोकसभाकीआधीसीटेंहैं।कांग्रेसकेसिकुड़नेकेलिएसोनियागांधीकापुत्रमोहजिम्मेदारहै।उन्हेंंराहुलगांधीकेअलावाकोईअन्यनेताकांग्रेसअध्यक्षपदकेलिएउपयुक्तनहींलगता,जबकिकांग्रेसअध्यक्षऔरजननेताकेरूपमेंराहुलगांधीकीयोग्यताऔरक्षमताजगजाहिरहै।पिछलेदिनोंकांग्रेसकेवरिष्ठतमनेताओं,जिन्हेंंबादमेंजी-23कहागया,नेसार्वजनिकपत्रलिखकरइन्हींसबबातोंपरचिंताव्यक्तकरतेहुएपार्टीमेंअंतरिमव्यवस्थाकीजगहस्थायीअध्यक्षऔरआंतरिकलोकतंत्रकीबहालीकीमांगकीथी।इसकेकारणहीकभीसार्वदेशिकऔरसर्वाधिकसशक्तपार्टीरहीकांग्रेसकीपंगुता,क्रमिकअवसान,आंतरिकअसंतोष,भयावहगुटबाजीऔरकार्यकर्ताओंकीहताशाकेरूपमेंदृष्टिगोचरहोरहेहैं।

कांग्रेसमें गुटबाजीपार्टीकोनिरंतरकमजोरकररहीहै

पिछलेसालमध्यप्रदेशकीकांग्रेससरकारज्योतिरादित्यसिंधियाऔरकमलनाथ-दिग्विजयसिंहकीखेमेबंदीऔरवर्चस्वकीलड़ाईकीभेंटचढ़गई।अंतत:ज्योतिरादित्यसिंधियाकोकांग्रेसकेबाहरअपनाभविष्यदेखनेकोविवशहोनापड़ा।राजस्थानमेंभीमप्रकीपटकथाकादोहरावहोते-होतेबचाहै।हालांकिअभीइसराजनीतिकप्रहसनकापटाक्षेपनहींहुआहै।मानाजारहाहैकिसचिनपायलटकभीभीज्योतिरादित्यसिंधियाकीराहपरचलसकतेहैंऔरअशोकगहलोतसरकारकीनियतिभीकमलनाथसरकारजैसीहोजाएगी।पंजाबमेंमुख्यमंत्रीअमरिंदरसिंहऔरनवजोतसिंहसिद्धू-प्रतापसिंहबाजवाकीखींचतानऔरहरियाणामेंभूपेंद्रसिंहहुड्डाऔररणदीपसिंहसुरजेवाला,किरणचौधरी,कुमारीशैलजाआदिकीगुटबाजीपार्टीकोनिरंतरकमजोरकररहीहै।अशोकतंवरजैसेदलितनेताकोर्नििवकल्पहोकरकांग्रेसछोड़नीपड़ी।असमसहितउत्तर-पूर्वकेअधिकांशराज्योंमेंकभीकांग्रेसनेतारहेहेमंतबिस्वसरमानेअकेलेकांग्रेसकासूपड़ासाफकरदियाहै।

राष्ट्रीयजनतादलनेबिहारमेंमिलीहारकाठीकराकांग्रेसकेसिरफोड़ा

बिहारविधानसभाचुनावपरिणामकेबादतमामविपक्षीदलोंमेंकांग्रेसपार्टीकेप्रतिअविश्वासऔरसंशयऔरभीगहराहोगयाहै।यहअकारणनहींहैकिराष्ट्रीयजनतादलनेबिहारमेंमिलीहारकाठीकराकांग्रेसकेसिरफोड़ाहै।उसनेकहाकिबिहारचुनावकेदौरानराहुलगांधी‘पिकनिक’मनारहेथे।उत्तरप्रदेश80लोकसभासीटोंकेकारणचुनावीदृष्टिसेदेशकासबसेमहत्वपूर्णराज्यहै।पिछलेलोकसभाचुनावमेंचिर-प्रतिद्वंद्वीसमाजवादीपार्टीऔरबहुजनसमाजपार्टीनेमहागठबंधनबनाकरचुनावलड़ा।इसमेंपश्चिमीउप्रमेंप्रभावीराष्ट्रीयलोकदलभीशामिलहुआ,लेकिनमात्र15सीटोंपरसिमटकरयहमहागठबंधनबिखरगयाऔरआपसीआरोप-प्रत्यारोपकालंबादौरचला।उधरचाचा-भतीजेकीराजनीतिकमहत्वाकांक्षाओंकीटकराहटसेसमाजवादीपार्टीमेंभीगृह-कलहऔरटूट-फूटजारीहै।असदुद्दीनओवैसीकीपार्टीऑलइंडियामजलिस-एइत्तेहादुलमुस्लिमीनकीअखिलभारतीयसक्रियताऔरउपस्थितिनेतथाकथितसेक्युलरर्पािटयों-कांग्रेस,राजद,सपा,बसपा,सीपीएमऔरतृणमूलकांग्रेसआदिकीनींदउड़ादीहै।अभीतकयेदलमुसलमानोंकोएकमुश्तवोटबैंककीतरहअपनेखातेमेंजोड़करअपनाचुनावीगणितसाधतेआएहैं,किंतुमुसलमानोंकेमसीहाकेरूपमेंओवैसीकेउभारनेउनकेचुनावीसमीकरणऔरसंभावनाओंकोगड़बड़ादियाहै।अभीउप्रमेंभाजपाकाकोईआसन्नऔरविश्वसनीयविकल्पनहींहै।

महाराष्ट्रमेंघटकदलोंमेंअंदरूनीकलहऔरखींचतानचलरहीहै

महाराष्ट्रएकऔरबड़ाराज्यहै।वहांउद्धवठाकरेकेनेतृत्वमेंशिवसेना,राष्ट्रवादीकांग्रेसपार्टीऔरकांग्रेसकीमहाविकासअघाड़ीकीसरकारहै।इसकेघटकदलोंमेंअंदरूनीकलहऔरखींचतानवक्त-बेवक्तदिखाई-सुनाईपड़तीरहतीहै।पूर्वमेंकर्नाटककीकांग्रेस-जनतादल(सेक्युलर)सरकारभीइसीप्रकारकेअविश्वासऔरअंतरविरोधोंकीशिकारहुई।पिछलेलोकसभाचुनावमेंबंगालमेंभाजपाकोमिलीभारीचुनावीसफलतासेममताबनर्र्जींचतितहैं।वहांवामपंथीदलऔरकांग्रेसगठबंधनबनाकरविधानसभाचुनावलड़नेवालेहैं।त्रिकोणीयमुकाबलेमेंभाजपाकोलाभमिलनास्वाभाविकहै।तमिलनाडुकीराजनीतिलंबेसमयसेदोध्रुवीयरहीहै।वहांदोचिर-प्रतिद्वंद्वीराजनीतिकदलद्रमुकऔरअन्नाद्रमुकसत्ताकीअदला-बदलीकरतेरहतेहैं।हालांकिइनदलोंकेसर्वमान्यनेताओंएमकरुणानिधिऔरजेजयललिताकेनिधनकेबादनईराजनीतिकसंभावनाओंऔरसमीकरणोंकासूत्रपातहोसकताहै।केरलऔरतमिलनाडुमेंजमीनतलाशतीभाजपाकीनजरइसनए‘स्पेस’परहै।कांग्रेसलंबेसमयसेतमिलनाडुमेंहाशियेपरहै।दरअसलविपक्षीएकताकीसबसेबड़ीबाधाक्षेत्रीयक्षत्रपोंकीमहत्वाकांक्षाऔरएक-दूसरेकेजनाधारकोहथियानेकीप्रतिस्पर्धाहै।नीतिऔरनीयतकायहदोषकिसीविश्वसनीयविकल्पकीसंभावनाओंकोनिरस्तकरताहै।

(लेखकजम्मूकेंद्रीयविश्वविद्यालयमेंअधिष्ठाताहैं)