दातून से दांत, कानूनी मदद से घर रोशन कर रहा यह प्रकाश

-कईसालोंसेदबेकुचलेलोगोंकोसमानताकादर्जादिलानेकेलिएसंघर्षकररहेहैंपीसीकुमार

-स्वतंत्रताकेसारथी::समताकाअधिकारजासं,फिरोजपुर:

फिरोजपुरशहरनिवासीपीसीकुमारयानिप्रकाशचंद्रकुमारने33सालपहलेसरकारीअस्पतालमेंमरीजऔरउनकेपरिजनोंकोएक-एकदातुनदेकरउनकीव्यथाजाननेकासिलसिलाशुरूकियाथा।सरकारीसंस्थानोंमेंसुनवाईनहोनेपरपरेशानलोगोंकीव्यथानेउन्हेंमनकोकटोचा।बसफिरउन्होंनेगरीबऔरदबेकुचलेलोगोंकोन्यायदिलानेकेलिएसंघर्षकारास्ताअख्तियारकरलिया।सरकारीसेवाकेदौरानभीसमयनिकालकरलोगोंकोन्यायदिलानेकेलिएकामकिया।पिछले20सालसेइसकार्यमेंजुटेहुएहैं।स्वास्थ्यविभागसेरिटायरमॉसएजुकेशनएंडइन्फोर्मेशनआफिसरपीसीकुमारअबतकसैकड़ोंलोगोंकोमुफ्तकानूनीसेवाएंउपलब्धकरवाचुकेहैं।न्यायलेनेकेलिएलोगोंकोलोकअदालतमेंशिकायतदर्जकरवानेकेलिएसलाहदेतेहैं।वकीलोंसेसंपर्ककरमुफ्तकानूनीसहायतादिलातेहैं।

स्वतंत्रतादिवसपरराज्यस्तरीयपुरस्कार

लोगोंकोसमानताकाअधिकारदिलानेकेलिएकीगईसेवाओंकीवजहसेपीसीकुमार2014मेंराज्यस्तरीयस्वतंत्रतादिवससमारोहमेंभीसम्मानितकियागया।

विभाजनकेदंगोंनेपिताकाबचपनमेंछीनलियासाया

अप्रैल1940मेंजन्मपाकिस्तानकेलाहौरकेपासचूनियामेंजन्मेपीसीकुमारकेअनुसारदेशकेविभाजनकेसमयउनकीउम्रसातसालकीथी।विभाजनकेदंगोंकेदौरानउनकेपितालालचंदकोमारदियागया।इसकेबादफिरोजपुरआकरबसेतोशुरुआतीदिनोंमेंमुश्किलोंसेभरेहुएथे।बचपनसेहीगरीबीऔरसंघर्षकेदौरानगरीबोंऔरसरकारीसिस्टममेंपहुंचनरखनेवालोंकेसाथदोयमदर्जकाव्यवहारहोतेहुएदेखा।फिरस्वास्थ्यविभागमेंनौकरीकी।तबवेसख्तबीमारपड़े।कईदिनोंतकअस्पतालमेंभर्तीरहनापड़ा।तबअस्पतालआकरमरीजोंकीसेवाकरनेकासंकल्पलिया।लोगोंकेसामानअधिकारोंकेलिएस्कूलोंमेंकरतेहैंजागरूक:

पीसीकुमारकेअनुसारउन्होंनेमरीजोंकीसेवाकेलिए1985केआसपाससरकारीअस्पतालजाकरदातुनबांटनाशुरूकिया।दातुनदेतेहुएमरीजऔरउनकेपरिजनोंसेबातचीतकरतेहुएकभीडॉक्टरद्वाराजानबूझकरऑपरेशनमेंदेरीकरनेऔरअभीइलाजशुरूनहींहोनेकीबातसामनेआती।तबवेडॉक्टरतकपहुंचकरमरीजोंकीसमस्याकासमाधानकरवाते।इसकेबारकच्चीबस्तियोंमेंजाकरस्कूलोंकेबच्चोंऔरलोगोंकोबतानाशुरूकियाकिउन्हेंभीसमर्थलोगोंकेसमानअधिकारप्राप्तहैं।उन्हेंअधिकारोंकेप्रतिजागरूककरनाशुरूकिया।1998मेंस्वास्थ्यविभागसेरिटायरहोनेकेबादचुनावलड़करनिर्दलीयपार्षदऔरफिरनगरकौंसिलकेउपाध्यक्षरहे।तबवंचितलोगोंकेपेंशन्ससहितअन्यसुविधाओंकेलिएसंघर्षकिया।

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