हवा में ही कर लिया खेती का जुगाड़

अनिलविश्वकर्मा,सीतापुर:यहांप्रतिवर्षशारदा,घघरिया,चौकानदीकीबाढ़वकटानकाकहरबरपाहोताहै।खेतोंमेंमौजूदफसलतबाहहोजातीहै।पानीभरनेसेफसलसड़जातीहै।ऐसीमुश्किलेंझेलरहेलहरपुरकेकिसानोंनेहवामेंहीखेतीकाजुगाड़निकाललियाहै।यहखेतीहवामेंझूलतेगमलोंवबांस-बल्लियोंकेमचानपरहोरहीहै।इनमचानोंपरकिसानमशरूमउगाकरजीवनकोसंवारनेमेंजुटेहुएहैं।

सोंसरीकेअमितशुक्लाकहतेहैंकिउनकाखेतशारदाकेकिनारेहै।60बीघाखेतीकटानमेंबहगई।40बीघाखेतीपररेतकीपरतजमगई।इससेअनाजकीपैदावारकमहोगई।ऐसेमेंउन्होंनेनाबार्डसेसंपर्कसाधाऔरकृषिक्षेत्रसंवर्धनयोजनाकालाभलिया।गांवकेगंगासागर,अजयकुमार,योगेशकुमारकेसाथखेतकेएककोनेमेंफूससेछप्परछाया,टटियालगाईऔरबांसबल्लीसेप्लेटफॉर्मतैयारकिया।खादतैयारहोतेहीमशरूमकाबीजबोदिया।कुललागत82हजाररुपयेआई।यहरुपयेनाबार्डसेअनुदानमेंमिले।उनकोबसमेहनतहीकरनीपड़ी।अबमशरूमनिकलरहेहैं।अच्छीकमाईहोरहीहै।सबसेअच्छीबातयहहैकिफसलऊंचाईपरहोतीहै।नीचेपानीभरभीजाएतोफसलकोकोईफर्कनहींपड़ता।इसीतरहसेबाढ़पीड़ितअचारजनपुरवामेंमनीषत्रिवेदी,रामकृष्ण,अंकित,अजीत,गोरेलाल,टांडाखुर्दमेंश्रवणमिश्रा,प्रमोदकुमार,सत्यप्रकाश,विनयकुमार,विनोदभार्गवऔरशालपुरमेंअभिषेकमिश्रा,सूरजकुमार,अमितकुमार,विवेक,हेमेंद्रभीखेतीकररहेहैं।इनकिसानोंकोदीपकमिश्रप्रेरितकररहेहैं।किसानोंकाकहनाहैकिजितनीआयएकबीघेखेतमेंहोतीथी,उतनीएककोनेमेंहोरहीहै।बाकीखेतमेंसीजनकीफसलबोरहेहैं।इससेघरकीमालीहालतसुधररहीहै।इनकिसानोंकोदेखक्षेत्रकेअन्यकिसानभीइसखेतीकोअपनारहेहैं।

दोमाहमेंहीतैयारहोतीफसल

किसानदीपकमिश्राकाकहनाहैकिक्लस्टरतैयारकरप्लेटफॉर्मपरएकमाहतकभूसा,यूरियातथाडीएपीमिलाकरखादतैयारकीजातीहै।फिरबीजबोएजातेहैं।बीजबोनेकेएकमाहबादहीमशरूमतैयारहोजातीहै।इसकी¨सचाईमेंपानीकीबर्बादीनहींहोती।छिड़कावसेप्लेटफॉर्मकोनमरखाजाताहै।चारमाहतकफसलनिकलाकरतीहै।किसानकोबसमशरूमनिकालनाहीहोताहै।बाजारमेंभीअच्छीकीमतमिलतीहै।