जानिए, कौन हैं जम्मू-कश्मीर में नए सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद

पीडीपीकेसंरक्षकमुफ्तीमोहम्मदसईदरविवारकोजम्मू-कश्मीरके12वेंमुख्यमंत्रीबने.वहबीजेपीकेसाथनाजुकगठबंधनकोआकारदेतेहुएदूसरीबारजम्मू-कश्मीरकीकमानसंभालनेजारहेहैं.79वर्षीयसईदकोमृदुभाषीऔरसौम्यराजनेताकेरूपमेंदेखाजाताहै,लेकिनदेशकेपहलेमुस्लिमगृहमंत्रीकीछविकोउससमयधक्कालगा,जबवीपीसिंहकीअगुवाईवालीसरकारनेउनकीतीनबेटियोंमेंसेएकरूबियाकीरिहाईकेबदलेमेंपांचलोगोंकोछोड़नेकीआतंकवादियोंकीमांगकेआगेघुटनेटेकदिएथे.

रूबियाकीरिहाईकेबदलेमेंआतंकवादियोंकीरिहाईकेसंवेदनशीलमामलेकाजम्मू-कश्मीरकीराजनीतिमेंदूरगामीप्रभावपड़ा.दोदिसंबर1989कोराष्ट्रीयमोर्चेकीसरकारकेगठनकेपांचदिनकेबादहीरूबियाकाअपहरणकरलियागयाथा.अक्सरअपनीराजनीतिकनिष्ठाओंकोबदलतेरहनेवालेसईदउससमयकेंद्रमेंगृहमंत्रीथे,जबघाटीमेंआतंकवादनेसिरउठानाशुरूकियाथा.उसीसमय1990मेंवादियोंसेकश्मीरीपंडितोंकेविस्थापनकीकुख्यातकहानीशुरूहुई.अपनीबेटीमहबूबामुफ्तीकेसाथ1999मेंखुदकीराजनीतिकपार्टीजम्मूकश्मीरपीपुल्सडेमोके्रटिकफ्रंट(जेकेपीडीपी)कागठनकरनेसेपहलेसईदनेअपनेराजनीतिककरियरकालंबासमयकांग्रेसमेंबिताया.

साल1950केदशकमेंवहजीएमसादिककीकमानमेंडेमोक्रेटिकनेशनलकॉन्फ्रेंसकेसदस्यभीरहे.नेशनलकांफ्रेंसकेअपनेप्रतिद्वंद्वीफारूकअब्दुल्लाकीतरहगोल्फप्रेमीसईदनेअपनीपार्टीकेगठनकेतीनसालकेभीतरहीकांग्रेसकेसमर्थनसेप्रदेशमेंअपनीसरकारबनाईथी.हालांकि,2008केविधानसभाचुनावमेंउनकीपार्टीसत्तासेबाहरहोगईऔरउमरअब्दुल्लानेराज्यमेंअपनीपार्टीकोजीतदिलाई.सईदकीचुनावीसफलताकाअधिकतरश्रेयमहबूबामुफ्तीकोदियाजाताहै,जिन्होंनेपार्टीकेलिएकैडरकोसक्रियऔरसंगठितकिया.उन्हेंतगड़ामोलभावकरनेवालामानाजाताहै.

पिछलेसालकेविधानसभाचुनावमेंउनकेमोलभावकेकौशलकेकारणप्रदेशमेंत्रिशंकुविधानसभाअस्तित्वमेंआई.मानाजाताहैकिमहबूबामुफ्तीनेहीअपनेपिताकोछहसालकापूराकार्यकालदिलानेकेलिएबीजेपीकोमनानेमेंकड़ीमेहनतकी.यहपदबारी-बारीवालेआधारपरनहींहोगा.12जनवरी1936कोअनंतनागजिलेकेबिजबेहरामेंपैदाहुएसईदश्रीनगरकेएसपीकालेजऔरअलीगढ़मुस्लिमयूनिवर्सिटीकेछात्ररहेहैंजहांसेउन्होंनेकानूनऔरअरबइतिहासमेंडिग्रीहासिलकीथी.

सईदने1962मेंअपनेजन्मस्थानसेडीएनसीकीकमानमेंचुनावजीतकरचुनावीसफरकीशुरुआतकीथी.उन्होंने1967मेंभीइसीसीटसेजीतहासिलकी,जिसकेबादसादिकद्वाराउन्हेंउपमंत्रीबनायागया.1972मेंवहकैबिनेटमंत्रीबनेऔरविधानपरिषदमेंकांग्रेसपार्टीकेनेताभी.1975मेंउन्हेंकांग्रेसविधायकदलकानेताऔरप्रदेशकांग्रेसअध्यक्षबनायागया,लेकिनवहअगलेदोचुनावहारगए.1986मेंकेंद्रमेंराजीवगांधीकीसरकारमेंबतौरकैबिनेटमंत्री(पर्यटन)केरूपमेंशामिलहोनेवालेसईदनेएकसालबादमेरठदंगोंसेनिपटनेमेंकांग्रेसकेतौर-तरीकोंऔरइनमेंपार्टीकीकथितसंलिप्तताकाआरोपलगातेहुएत्यागपत्रदेदिया.

साल2002मेंजबमुफ्तीकांग्रेसकेगठबंधनकेसाथमात्र16सीटेंलेकरप्रदेशकेमुख्यमंत्रीबनेतोउससमयजम्मूकश्मीरकईमोर्चोपरसमस्याओंकासामनाकररहाथा.संसदपरहमलेकेबादसेनाऔरपाकिस्तानएकदूसरेकीआंखोंमेंआंखेंडालेखड़ेथेऔरराज्यमेंनिजीस्वतंत्रतापरप्रतिबंधलगगए.एकदूरदर्शीनेता,चुस्तराजनीतिकरणनीतिकारऔरसमझदारराजनेताकेरूपमेंदेखेजानेवालेमुफ्तीकेपरिदृश्यमेंआनेकेबादऔरबड़ेसधेतरीकेसेराजनीतिकसमीकरणोंकोसंतुलितकरनेकीउनकीकलाकेचलतेहालातमेंतेजीसेबदलावआया.यहबदलावदोनोंस्तरपरथाराज्यकेभीतरभीऔरक्षेत्रीयसंबंधमेंभी.

करीबदोदशकोंमेंपहलीबारमुफ्तीनेपीडीपीकेमंचसेतत्कालीनप्रधानमंत्रीअटलबिहारीवाजपेयीकोश्रीनगरमेंएकरैलीकोसंबोधितकरनेकेलिएआमंत्रितकियाऔरइसेशांतिकेनएप्रयासोंकेरूपमेंदेखागया.

इसकीपरिणतिअग्रिमइलाकोंसेसेनाकीवापसी,सीमाओंपरसंघर्षविराम,विशेषकार्यबलऔरपुलिसकेविशेषअभियानसमूहकोखत्मकरने,पोटाकोसमाप्तकरनेऔरराजनीतिककैदियोंकीरिहाईकेरूपमेंहुई.इससेभारतऔरपाकिस्तानकेबीचवकश्मीरमेंअलगाववादियोंऔरकेंद्रकेबीचसीधासंपर्ककायमहुआ.

विभाजितकश्मीरकेदोनोंहिस्सोंमेंश्रीनगरऔरमुजफ्फराबादकेबीचबससेवाशुरूहोनेकेसमयभीमुफ्तीराज्यकेमुख्यमंत्रीथे.2002मेंराज्यकेमुख्यमंत्रीपदकीजिम्मेदारीसंभालनेकेबादमुफ्तीनेलोगोंकीशांतिऔरगरिमाकीपुकारकोसुनाऔरलोगोंकेटूटेदिलोंकोजोड़ने,उनकीगरिमाकोबहालकरने,उनकेदिलोंमेंएकनईउम्मीदजगानेऔरराजनीतिकप्रक्रियामेंभागीदारीकेजरिएउन्हेंअपनीनियतीतयकरनेकेलिएप्रोत्साहितकरनेकीदिशामेंकदमउठायाऔरमरहमलगानेकाप्रयासकिया.