कहानी का सीधा संबंध मानव की अन्तश्चेतना एवं समाज से

हाजीपुर।कहानीकासीधासंबंधमानवअन्तश्चेतनाएवंमानवसमाजसेहै।गांधीस्मारकपुस्तकालयमेंप्रेमचंदजयंतीकेअवसरपरआयोजितहिदीकहानियां:तबऔरअबविषयकपरिचर्चाकीअध्यक्षताकरतेहुएकिरणवार्ताकेसंपादकडा.शैलेन्द्रराकेशनेयेबातेंकही।उन्होंनेकहाकिप्रेमचंदपहलेकथाकारथेजिन्होंनेशोषित,पीड़ित,दलितआमआदमीकोसाहित्यमेंप्रवेशदिलाया।उनकीकहानियोंमेंभारतकीआत्माबसतीथी।कहानियोंकेबदलतेयुगोंकीचर्चाकरतेहुएउन्होंनेकहाकिआजकीकहानियोंमेंव्याप्तविचारहीनतानेउसेबाजारकाप्रतिरोधकरनेकीबजायबाजारकीचेरीबनादियाहै।आजसाहित्यप्रतिबद्धतासेअधिकशौकऔरकरियरकाविषयहोगयाहै।

परिचर्चामेंभागलेतेहुएसुख्यातकथाकारशिवदयालनेकहाकिप्रेमचंदकीकहानियोंमेंमानवीयसंवेदनाओंकाउत्कर्षहै,संघर्षकीउत्कटप्रेरणाहै।सरोकारअगरमौलिकहैतोउसकीस्वीकार्यताहै।मौलिकताकोबचाएरखनाआजकेकथाकारोंकेलिएबड़ीचुनौतीहै।संस्कृतिकर्मीअनीशअंकुरनेकहाकिप्रेमचंदनेनकारात्मकपरम्पराओंऔररूढि़योंकेविरुद्धअपनीकथाओंमेंपुरजोरतरीकेसेआवाजउठाई।आधुनिककहानियांमहजभावुकतापैदाकरतीहैं।प्रेमचंदकीकहानियांचुनौतियोंसेजूझनेकाजज्बापैदाकरतीहैं।

इसअवसरपरबोलतेहुएप्रो.ब्रजकुमारपांडेनेकहाकिप्रेमचंदकीकथाओंकाफलकमात्र26करोड़आबादीकाहै।आजकेकथाकारोंकाफलक130करोड़आबादीकाहै,अतएवतबऔरअबकीकहानियोंमेंमौलिकफर्कस्वाभाविकहै।कार्यक्रमकेप्रारंभमेंपुस्तकालयकेसचिवभोलानाथठाकुरनेअतिथियोंकास्वागतकरतेहुएपुस्तकालयमेंचलरहीसाहित्यिकगतिविधियोंकीचर्चाकीतथालोगोंकोइसमेंभागीदारीकेलिएआमंत्रितकिया।इसवैचारिकगोष्ठीमेंपंडितसिद्धिनाथमिश्र,विनयचन्द्रझा,विद्यानंदविभु,देवेन्द्रगुप्त,विजयकुमारसिंह,विनयकृष्णकालेबादल,ध्रुवकुमारचित्रांश,अरुणकुमारनिराला,सुमनकुमार,रणजीतकुमार,अनिललोदीपुरी,मनोजकुमार,प्रगतिकुमार,विजयकुमारभाष्करएवंगंगेशगुंजनप्रमुखथे।कार्यक्रमकेअंतमेंसाहित्यसचिवमनोरंजनवर्मानेधन्यवादज्ञापितकिया।

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