खुद की समझ नहीं, कितना समझाए पुलिस

जागरणसंवाददाता,मार्टीनगंज(आजमगढ़):कोरोनावायरसकेसंक्रमणकेबादक्याहोगा,इसकीचिताग्रामीणक्षेत्रोंमेंअभीभीलोगोंमेंनहींदिखरहीहै।जागरूकताकेतमामप्रयासोंकेबादभीलोगजागरूकनहींहोरहेहैं।पुलिसहैकिउसकेसमझानेकाकोईअसरनहींहोरहाहै।पुलिसअगरडंडाचलाएतोभीआलोचनाकरनेवालेपीछेनहींरहेंगे।

क्षेत्रकेयूनियनबैंककेसामनेप्रतिदिनसैकड़ोंकीसंख्यामेंमनरेगामजदूरसेलेकरआमआदमीऔरव्यापारीतकप्रतिदिनलोगशारीरिकदूरीकापालननहींकररहेहैं।जोइसकापालनकरनाचाहतेहैंउनकेसामनेभीभारीसंकटउत्पन्नहोरहाहै।बैंककेसामनेटेंटलगाकरलोगोंकोछांवमेंखड़ेरहनेकीव्यवस्थाकीगईहैलेकिनलोगअपनीधुनमेंहीमस्तहैं।व्यापारीसुनीलयादवनेशुक्रवारकोचारफीटपरगोलाभीबनवादियालेकिनउसमेंखड़ाहोनालोगोंकोगंवाराहीनहींथा।ऐसेमेंवहांपरखड़ीपुलिसकरेभीतोक्या।इससंबंधमेंशाखाप्रबंधकआनंदकुमारकाकहनाहैकिबैंककेअंदरसिर्फतीनलोगोंकोप्रवेशमिलताहै,बाहरकीभीड़पुलिसकाविषयहै।

बरदह:कुछलोगबैंकसेपैसानिकालतेसमयशारीरिकदूरीकापालनकरनाभीभूलजारहेहैं।पुलिसभीड्यूटीकरते-करतेलगताहैथकगईहै।