लोक संगीत कार्यक्रम में कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां

संवादसहयोगी,नौशहरा:जम्मूऔरकश्मीरकलासंस्कृतिऔरभाषाअकादमी,सबआफिसराजौरीद्वारानौशहरामेंएकलोकसंगीतकार्यक्रमऔरबहुभाषीमुशायराकाआयोजनकियागया।आजादीकाअमृतमहोत्सवमनानेकेलिएपंजाबीविभागऔरकालेजकीसांस्कृतिकसमितिकेसहयोगसेडिग्रीकालेजनौशहरामेंकार्यक्रमआयोजितहुआ।इसअवसरपरकालेजकेप्राचार्यमुख्यअतिथिऔरएसएचओनौशहराविशिष्टअतिथिथे।

कार्यक्रमकीअध्यक्षताक्षेत्रकीएकप्रमुखहस्तीकेकेखाकीनेकीऔरप्रो.गुरजीतसिंहनेकार्यक्रमकासमन्वयनकिया।कार्यक्रमकीशुरुआतक्षेत्रकेजाने-मानेकलाकारकेकेखाकीकीप्रस्तुतिसेहुई।सांस्कृतिकअकादमीऔरकालेजकेविभिन्नप्रतिष्ठितगायकोंनेअपनेप्रदर्शनसेदर्शकोंकोमंत्रमुग्धकरदिया,जबकिकवियोंनेअपनीनवीनतमऔरअप्रकाशितकविताओंकापाठकिया।संगीतसमारोहऔरमुशायरामेंबड़ीसंख्यामेंछात्रों,शिक्षकोंवमीडियाकेलोगोंनेभागलिया।इसअवसरपरकालेजकेप्राचार्यडा.सुरिदरकुमारनेकला,संस्कृतिऔरभाषाअकादमीकेकामकाजकीसराहनाकीऔरसांस्कृतिकवसाहित्यिकगतिविधियोंकेमहत्वपरबातकीऔरकहाकियुवापीढ़ीकोसांस्कृतिकप्रदर्शनकरनेकामौकादियाजानाचाहिए।उन्होंनेयहभीकहाकिभविष्यमेंभीअकादमीद्वाराइसतरहकेआयोजनहोतेरहेंगे।उन्होंनेकहाकियहएकबहुतअच्छाविकासहोगा,यदिछात्रअध्ययनकेअलावाइसतरहकेआयोजनोंमेंभीभागलेतेहैंऔरनवीनतममीडियाकाउपयोगकरनेकीआवश्यकतापरजोरदेतेहैं,ताकिसंगीतव्यापकदर्शकोंतकपहुंचे।इसअवसरपरराजौरी-पुंछकीओरसेअमजदखाननेधन्यवादप्रस्तावप्रस्तुतकिया,जबकिप्रो.गुरजीतसिंहऔरजोगिदरपालशर्मा,प्रमुखकवि,कलाकारऔरगायकनेकार्यवाहीकासंचालनकिया।इसमौकेपरकालेजकेछात्रवअध्यापकमौजूदरहे।