मन के मैल धोती है भागवत कथा

अलीगढ़:गभानाक्षेत्रकेगांवभूपालनगलियामेंचलरहीभागवतकथाकेपांचवेंदिनरविवारकोशैलबिहारीनेकहाकिमानवकेमनमेंपैदाहुएमैलवदुर्भावनाओंकोदूरकरनेकाकामभागवतकथाकरतीहै।संसारीप्रेमवईश्वरीयप्रेमकादर्शनभीभागवतकथामेंमिलताहै।भगवानसेप्रेमकरनाहैतोउसकाभजनकरें,जोईश्वरकाध्याननिश्छलमनसेकरतेहैं,भगवानकीकृपाउनपरअवश्यहीबरसतीहै।निर्मलमनमेंहीउसकावासहोताहै।उन्होंनेबतायाकिवेदोंवशास्त्रोंकोकेवलपढ़नेमात्रसेव्यक्तिविद्वानतोहोसकताहैलेकिनइनकेसिद्धांतोंपरचलकरहीसच्चीभक्तिप्राप्तकरसकताहै।जोव्यक्तिअपनीजिम्मेदारियोंवगृहस्थीकेजीवनसेभागनेकीचेष्टाकरताहै,उसेकभीभीभगवाननहींमिलसकतेहैं।मानवजीवनकोसफलबनानेकेलिएप्रात:जगकरवरात्रिमेंसोतेसमयप्रभुनामकासुमिरनअवश्यकरनाचाहिए।कथाकेदौरानउन्होंनेकईमार्मिकप्रसंगोंमाध्यमसेश्रोताओंकोभावविभोरकरदिया।आयोजनमेंरामबेटी,ज्ञानेंद्रसिंहनेताजी,अनिलकुमारसिंह,श्यौराजसिंह,भंवरपालसिंह,बीरपालसिंह,मुनेशपालसिंह,बंटीसिंह,अंकितसिंह,सचिनकुमार,नमनकुमार,प्रमोदकुमारआदिकासहयोगरहा।

कलशयात्रानिकली,

संसू,बरला:बरलाकेमोहल्लासरायमेंरविवारसेश्रीमद्भागवतकथाकाआयोजनशुरूहोगया।इससेपूर्वकलशयात्रानिकाली।जयकारोंकेसाथसभीलोगभक्तिकेरसमेंडूबेहुएथे।कलशयात्राकालोगोंनेपुष्पवर्षाकरस्वागतकिया।कथावाचकआचार्यश्यामवीरसांवरियानेकथाकारसपानकरातेहुएबतायाकिभागवतहमेंजीनेकासलीकासिखातीहै।उन्होंनेकहाकिसच्चाईकेमार्गपरचलतेहुएकुछपरेशानियांतोआतींहैं,मगरवहकुछसमयतकहीरहतीहैं।सत्यकीहमेशाविजयहोतीहै।भागवतसुननेमात्रसेव्यक्तिकेसभीपापधुलजातेहैं।इसदौरानअंगदसिंह,विवेककुमार,कल्याणसिंह,रोहितकुमार,सीमा,विनीता,राखी,रानीआदिमौजूदथे।