मनुष्य जीवन चुनौतियों से भरा, डटकर करें मुकाबला

फोटो:::4मेंहै।संवादसूत्र,झुमरीतिलैया(कोडरमा):देशमेबढ़तीआत्महत्याकीघटनाओंपरलगामलगानेकेलिएसामाजिकजागरूकताकेतहतटीमजेजेकेतत्वावधानमेंजगन्नाथजैनमहाविद्यालय,झुमरीतिलैयामेंप्रेरणादायकएकदिनीसेमिनारकाआयोजनगुरुवारकोकिया।कार्यक्रमकासंचालनरविपासवाननेकिया।सेमिनारमेंमुख्यवक्ताकेरूपमेंउपस्थितटीमजेजेप्रमुखजुगनूजयंतसिन्हा,राजीवरंजनशुक्ला,प्रो.अशोकअभिषेक,नवनीतओझा,भीम¨सहमुख्यरूपसेशामिलहुए।सेमिनारकोसंबोधितकरतेहुएटीमजेजेकेजुगनूजयंतनेकहाकिशास्त्रकेअनुसारमनुष्ययोनिमेंजन्म84लाखयोनिकेबादमिलतीहैं।मनुष्ययोनिकर्मयोनिहै,जबकिअन्ययोनिभोगयोनिहै।इसलिएइतनीमुश्किलसेप्राप्तइसजीवनकासदुपयोगकरें।जीवनमेंहरमोड़परअलगअलगचुनौतियांहैं।इसकाडटकरमुकाबलाकरनेवालेहीजीवनमेंसफलहोतेहैं।आत्महत्याबेहदहीकायरानाहरकतहै।सभीकाजीवनएकजैसानहींहोता।इसलिएजीवनमेंचुनौतियोंकाहंसकरमुकाबलाकरनाचाहिए।दुनियाभरमेंअपनेकर्मोंसेइतिहासरचनेवालेज्यादातरआमलोगहीहैं।कठिनपरिस्थितियोंमेंहीकाबलियतनिखरतीहैंऔरकोशिशकरनेसेहीकामयाबीमिलतीहैं।जयंतनेकहाकीहमेंहरअसफलताकोसफलतामेंबदलनेकेलिएलगातारकोशिशकरनीचाहिए।छोटी-छोटीबातोंपरजीवनसमाप्तकरदेनाकायरताहैं।उन्होंनेसमाजमेंसुसाइडकीबढ़तीप्रवृतिपर¨चताव्यक्तकरतेहुएलोगोंकीनकारात्मकसोचकोसकारात्मकसोचमेंबदलनेकेलिएप्रेरितकिया।सेमिनारकोसंबोधितकरतेहुएराजीवरंजनशुक्लानेआत्महत्याकेअनेकपरिस्थितियोंकेबारेमेंविस्तारपूर्वकचर्चाकी।साथहीमौजूदाआंकड़ोंकेमाध्यमसेसुसाइडरोकनेकोलेकरउपायभीबताए।बीएडसंभागकेप्रोअशोकअभिषेकनेकहाकिटीमजेजेकायेपहलकाफीसराहनीयहैं,उन्होंनेकॉलेजपरिवारकीओरसेसेमिनारआयोजनकरनेकेलिएविशेषरूपसेटीमजेजेकीप्रशंसाकी।उन्होंनेछात्रोंकोआत्महत्यारोकनेमेंजागरूकताफैलानेमेंअहमभूमिकानिभानेकेलिएप्रेरितकिया।धन्यवादज्ञापनशंकरसावनेकिया।मौकेपरअजयकुमार,आशीषसिन्हा,रविकुमार,पीयूषलोहानी,अरशदखान,आकाशकुमार,राहुल¨सह,राजा¨सह,सूरजसिन्हा,रोहितकुमार,कृष्णाठाकुर,निखिललोहानी,वर्षाकुमारी,अलकाकुमारी,सुजीतकुमारदास,¨रकूदास,अभिषेकरॉय,पूजा¨सह,ऋषिका¨सह,अनिशा¨सह,ममताकुमारी,सुभमशर्मा,बादलरजक,राहुलकुमार¨सह,अजीतशर्मा,अनिलशर्मा,आनंदसिन्हा,सूरजकुमार,संदीपपंडित,मंटूपंडित,मंटूयादव,सूरजयादव,शिबूविश्वकर्मासमेतजेजेकॉलेजकेछात्र-छात्राएंमौजूदथे।