मुर्गी पालन कर किसान हो सकते हैं समृद्ध: डा. सुधांशु

संवादसूत्र,जयनगर(कोडरमा):कृषिविज्ञानकेंद्रजयनगरमेंमुर्गीपालनकोलेकरतीनदिवसीयप्रशिक्षणकार्यक्रमगुरुवारसेशुरूहुआ।इसमेंजिलेकेलगभग40किसानोंनेभागलिया।यहप्रशिक्षणआनलाइनवआफलाइनयानीहाइब्रिडमोडमेंदियागया।

पशुविशेषज्ञडा.सुधांशुशेखरनेकहाकिब्रायलरउत्पादनमेंलगाईगईपूंजीकीपांचसप्ताहमेंहीलाभकेसाथवापसीहोजातीहै।यहव्यवसायकमलागतपरशुरूकियाजासकताहै।जहांयातायातकेसाधननहों,वहांभीइसव्यवसायकोशुरूकरसकतेहैं।उन्होंनेकहाकिकिसानदोहरेउद्देश्यवालेब्रायलरकीनस्लें,जिसमेंक्रोइलरडुअल,रोडआइलैंडरेड,लालवनराज,ग्रामप्रियाआदिशामिलहैं,उनकाउत्पादनकरसकतेहैं।उन्होंनेकिसानोंकोसमझातेहुएकहाकिचूजोंकोब्रूडरमेंरखनेकेबादइसबातकाध्यानरखनाचाहिएकिउसेतापमानकितनामिलरहाहै।उन्होंनेआ‌र्द्रता,वायुकाउचितआवागमन,प्रकाशप्रबंध,समुचितआहारआदिपहलुओंपरभीकिसानोंकोविस्तारपूर्वकबतायाताकिकिसानअधिकउत्पादनकरसकें।किसानोंसेडिपार्टमेंटआफएनीमलन्यूट्रीशनवेटरनरीकालेजबिहारकेसहायकप्रोफेसरसंजयकुमारनेकहाकिपिछलेतीनदशकोंमेंदुनियाकेसभीदेशोंमेंकुकुटपालनकाविकासबहुततेजीसेहुआहै।इसव्यवसायकीमहत्तासेसभीलोगपूर्णतयापरिचितभीहोचुकेहैं।उन्होंनेकहाकिभारतदुनियाकापांचवांसबसेबड़ाब्रायलरउत्पादकदेशबनगयाहै।अन्यदेशोंकीतरहयहांभीयहव्यवसायउद्योगकारूपलेचुकाहै।आजब्रायलरमांसकाउत्पादनबढ़कर4.2मिलियनटनप्रतिवर्षहोगयाहै।इसकेबावजूदभीचिकनकीप्रतिव्यक्तिप्रतिवर्षकीउपलब्धता2.2किलोग्रामहीहै।उन्होंनेकहाकिउपलब्धताऔरआवश्यकताकेबीचकीखाईकोपाटनेकेलिएब्रायलरउद्योगको10गुनाबढ़ायाजानाचाहिए।अगरकिसानग्रामीणक्षेत्रोंमेंकृषिविज्ञानकेंद्रसेतकनीकसीखकरइसेशुरूकरतेहैंतोनिश्चिततौरपरयहांकेकिसानसमृद्धहोसकतेहैं।कार्यक्रमकोकार्यवाहककार्यक्रमसमन्वयकडा.चंचिलाकुमारी,बागवानीविशेषज्ञडा.भूपेंद्रसिंह,रूपेशरंजन,मनीषकुमारआदिनेभीसंबोधितकिया।इसअवसरपरसंजयकुमार,विजयकुमारखुंटिया,किसानसरवरखान,सत्यनारायणसिंह,इंद्रदेवसाव,विनोदकुमारयादव,सफीदखान,शबानाखातून,रिजवानाखातून,अभयकुमारमेहता,राहुलसिंह,अब्दुलकरीमआदिउपस्थितथे।