सिख विरोधी दंगा मामला: सज्जन कुमार शीर्ष अदालत की शरण में

नयीदिल्ली,22दिसंबर(भाषा)पूर्वकांग्रेसीनेतासज्जनकुमारनेशनिवारकोउच्चतमन्यायालयमेंयाचिकादायरकरके1984केसिखविरोधीदंगोंसेजुड़ेएकमामलेमेंआजीवनकारावासकीसजाकेदिल्लीउच्चन्यायालयकेआदेशकोचुनौतीदी।दंगापीड़ितोंकेप्रतिनिधिएवंवरिष्ठअधिवक्ताएचएसफुल्कानेकहाकिशीर्षअदालतरजिस्ट्रीनेउन्हेंबतायाहैकिकुमारनेउच्चन्यायालयकेफैसलेकेखिलाफअपीलदायरकीहै।उन्होंनेकहाकिदंगापीड़ितइसमामलेमेंकुमारकेपक्षमेंएकतरफासुनवाईरोकनेकेलिए‘कैविएट’पहलेदायरकरचुकेहैं।उच्चन्यायालयनेकुमारकोराजनगरक्षेत्रमें1984केसिखविरोधीदंगोंकेसंबंधमेंइससाल17दिसंबरकोदोषीठहरातेहुएजीवनपर्यन्तकारावासकीसजासुनाईगईथी।यहमामलाएक-दोनवंबर1984कोदक्षिणपश्चिमदिल्लीकीपालमकॉलोनीकेराजनगरपार्टएकक्षेत्रमेंपांचसिखोंकीहत्याऔरराजनगरपार्टदोमेंगुरुद्वारेकोजलानेसेजुड़ाहै।येदंगेतत्कालीनप्रधानमंत्रीइंदिरागांधीकी31अक्टूबरकोउनकेदोसिखअंगरक्षकोंद्वाराहत्याकरनेकेबादहुएथे।उच्चन्यायालयनेशुक्रवारकोसजाकेसिलसिलेमेंआत्मसमर्पणकेलिएकुमारको30जनवरीतककासमयदेनेसेइंकारकरदियाथा।न्यायमूर्तिएसमुरलीधरऔरन्यायमूर्तिविनोदगोयलकीपीठनेकहाकिउसेकुमारकोराहतदेनेकेलिएकोईआधारनहींदिखता।पीठनेकुमारसे31दिसंबरतकआत्मसमर्पणकरनेकोकहाथा।