स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की सार्थकता पर सवाल

अनिलबेताब,फरीदाबाद:जिलेकेपहलीसेबारहवींकक्षातककेसरकारीस्कूलोंके40फीसदसेज्यादाछात्र-छात्राओंमेंरक्तकीकमीहै।करीब50फीसदछात्राएंऐसीहैं,जोलंबेसमयसेरक्तकीकमीसेजूझरहीहैं।जिलास्वास्थ्यविभागनेहालहीमेंजिलेके374सरकारीस्कूलोंके92हजारछात्र-छात्राओंकीस्वास्थ्यजांचकीथी।इसीरिपोर्टकेआधारपरबातसामनेआईकिशहरकीलाडलियांरक्तकीकमीझेलरहीहैं।

हालांकिकरीबचारवर्षोंसेस्वास्थ्यविभागइनस्कूलोंमेंस्कूलस्वास्थ्यकार्यक्रमकेतहतएकतरफजहांसभीछात्र-छात्राओंकीस्वास्थ्यजांचकराताहै,वहींबीमारियोंसेबचावकोइलाजभीकरायाजाताहै।ऐसेमेंशहरकीलाडलियोंमेंरक्तकीकमीपाईजानेसेस्कूलस्वास्थ्यकार्यक्रमकीसार्थकतापरभीसवालउठताहै।

हमनियमितरूपसेस्कूलोंमेंजागरूकताकार्यक्रमकरतेहैं।जिनबच्चोंमेंकोईबीमारीपाईजातीहै,उनकाइलाजकरायाजाताहै।अभीपौष्टिकआहारकेप्रतिजागरूकताकीकमीहै।यहीवजहहैकिबच्चोंमेंरक्तकमीहै।हमस्कूलोंमेंजाकरबच्चोंकोआयरनफोलिकएसिडभीदेतेहैं।साथहीसमझायाजाताहैकिरक्तकीकमीकोपूराकरनेकेलिएचनाऔरगुड़खाएं।

-डॉ.गीतापालिया,उपमुख्यचिकित्साअधिकारीतथास्कूलस्वास्थ्यकार्यक्रमअधिकारी।कुपोषणयागलतखानपान,अत्याधिकरक्तस्त्रावजैसेगहरीचोटलगना,मासिकधर्मकीगड़बड़ीकेकारणछात्राओंमेंरक्तकीकमीहोनेलगतीहै।इसकेचलतेकमजोरी,भूखनलगना,चिड़चिड़ापन,थकानमहसूसहोतीहैतोकईबारसांसभीफूलनेलगीहै।इसस्थितिमेंसुधारकेलिएआयरन,फोलिकएसिडऔरविटामिनकीगोलीलीजानीचाहिए।पोषकतत्वोंसेभरपूरआहारलेनेसेहीस्वस्थरहाजासकताहै।हरीसब्जियांजैसेपालक,मेथी,चुकंदर,टमाटर,सेब,अनारऔरसंतराकासेवनकरें।साबुतअनाजजैसेचना,मक्का,खजूरऔरकेलाकासेवनभीउपयोगीसाबितहोताहै।

-डॉ.शालिनीजैन,महिलारोगविशेषज्ञ।