सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कारगर साबित होगी कृषि की सांडा प्रविधि

मेदिनीनगर:झारखंडकेसूखाप्रभावितक्षेत्रोंकेलिएधानकीशुष्कसम्राट,सहभागीऔरस्वर्णाजैसीप्रजातियांविकसितकीगईहैं।यहप्रजातियांहालियाशोधोंमेंक्रांतिकीतरहदेखीजारहीहैं।सूखेसेप्रभावितक्षेत्रोंकेलिएकृषिकीसांडाप्रविधिकाफीकारगरहोगी।इसेकिसानोंकोअपनानाचाहिए।पलामूकेलिएधानकीसहभागीप्रजातिउत्तमहोगी।इसेहजारीबागसेप्राप्तकियाजासकताहै।

उक्तबातेंभारतीयकृषिअनुसंधानपरिषदसेसेवानिवृत्तप्रधानवैज्ञानिकडॉआरके¨सहनेकहीं।वेशुक्रवारकोस्थानीयपंडितदीनदयालउपाध्यायस्मृतिभवनमेंनीलांबरपीतांबरविश्वविद्यालयकीअंगीभूतइकाईगणेशलालअग्रवालमहाविद्यालयकेभौतिकविज्ञानविभागकीओरसेआयोजितदोदिवसीयराष्ट्रीयसंगोष्ठीकेदूसरेदिनसंबोधितकररहेथे।इसकीअध्यक्षताएनपीयूकेकुलपतिडॉ.सत्येंद्रनारायण¨सहवसंचालनसंगोष्ठीकेसंयोजकडॉ.संजीवकुमार¨सहनेकिया।धन्यवादज्ञापनआयोजनसचिवडॉआरकेझानेकिया।इससेपहलेमौजूदअतिथियोंकोस्मृतिचिन्हदेकरसम्मानितकियागया।इसअवसरपरजीएलएकॉलेजकेप्राचार्यडॉआईजेखलखो,डॉविमलकुमार¨सह,डॉवासुदेवप्रसाद,प्रोकेकेमिश्रा,डॉमहेंद्रराम,डॉश्रवणकुमार,डॉशोभारानी,डॉविभापांडेय,डॉजसबीरबग्गा,डॉसुनीताकुमारी,डॉमंजू¨सह,डॉऋचा¨सह,डॉएसकेमिश्रा,डॉविनयबैठा,प्रोप्रदीपकुमार,डॉराजेंद्र¨सह,डॉधर्मेंद्रकुमार¨सह,डॉमृतुंजयकुमार,डॉविभेषचौबे,प्रोकुर्रतुल्लाह,डॉखुर्शीदआलम,डॉसुनीलकुमार,प्रवीणकुमार,राजीवमुखर्जी,इकरामअंसारी,मिथिलेशपांडेयसहितबड़ीसंख्यामेंशिक्षक,कर्मचारीऔरविद्यार्थीउपस्थितथे।वक्ताओंनेकहा

मेदिनीनगर:नीलांबरपीतांबरविश्वविद्यालयकेकुलपतिडॉएसएन¨सहनेकहाकिज्ञानविज्ञानकेप्रत्येकक्षेत्रमेंहोरहेप्रयोगऔरप्रगतिपरहमारेविश्वविद्यालयकीपैनीऔरमुकम्मलनिगाहहै।हमारीकोशिशहैकिविश्वविद्यालयकाविद्यार्थीयहांसेजाएतोज्ञानविज्ञानकीनईसेनईतकनीकसेसुपरिचितहोकरजाएं।इसीइरादेसेहमविश्वविद्यालयकोडिजिटलप्लेटफॉर्मपरलानेकेलिएप्रयत्नशीलहैं।छात्रछात्राओंकेहितार्थहमऐसीअकादमिकगतिविधियोंकोजारीरखनेमेंकोईकसरनहींछोड़ेंगे।बीएसआइकेवनस्पतिवैज्ञानिकडॉपीपीघोषालनेकहाकितकरीबन20हजारवनस्पतियोंमेंसेआजकाफीविलुप्तहोनेकीकगारपरहैं।वनस्पतियोंकेसंरक्षणकेलिएऐसेशोधोंकीआवश्यकताहैजोमानवऔरपर्यावरणकेरिश्तोंकोबचाएरखसकें।इरीट्रियाइस्टीट्यूटऑफटेक्नोलॉजीकेडॉरामाशंकरनेजीवन,समाजऔरज्ञानविज्ञानकेविभिन्नक्षेत्रोंमेंहोनेवालेशोधोंमेंसांख्यिकीयविश्लेषणकेसमुचितप्रयोगपरविस्तारसेप्रकाशडाला।आइआइटीपटनाकेडॉ.ओमप्रकाशनेहमारेदैनिकजीवनमेगणितकेउपयोगबतातेहुएकहाकिसूचनातकनीककेतमामगैजट्सगणितीयसूत्रोंपरहीआधारितहैं।

इलाहाबादविश्वविद्यालयमें¨हदीकेएसोसिएटप्रोफेसरऔरसाहित्यकारडॉ.कुमारवीरेंद्रनेसाहित्यऔरविज्ञानकेअंत:संबंधोंपरगहनतासेरोशनीडाली।