विभूतिपुर में चायवाला का बेटा बना दारोगा, बदन की शोभा बढ़ाएगी खाकी

समस्तीपुर।खुदीकोकरबुलंदइतनाकिहरतकदीरसेपहलेखुदाबन्देसेखुदपूछेबतातेरीरजाक्याहै।इसकहावतकोचरितार्थकरदिखायाहैबेलसंडीतारावार्ड7निवासीदिनेशपंडितऔरचंदरदेवीकेपुत्रमनीषकुमारकुमारपंडितने।इसनेदारोगाबनकरप्रदेशमेंविभूतिपुरकानामरोशनकियाहै।अब,बदनपरखाकीवर्दीशोभेगीऔरचेहरेकीचमकबढ़ाएगी।दिलचस्पबाततोयहहैकिमनीषविभिन्नअवसरोंपरहलवाईकाकामकियाहै।दुकानकेभीतरपढ़ाईकरयहमुकामहासिलकियाहै।मनीषकेमाता-पिताअपनेघरकेसमीपहींसीमानचौकपरवर्ष2001सेचायनाश्ताकीदुकानचलातेहैं।लोगोंमेंचर्चाकाविषयहैकिजोश,जज्बेऔरमेहनतकेसमक्षमुफलिसीकाहिमालयबौनापड़गयाहै।अंतिमरूपसेदारोगामेंचयनहोनेकीखबरनेलोगोंकोबधाईदेनेमेंजुटेहै।लोगकहतेहैंकिजबसुखसुविधाओंसेसंपन्नयुवाअपनीकीमतीसमयकोआत्मसंतुष्टिमेंबितारहेहोतेहैं।ऐसेमेंसुविधाओंसेवंचितइसछात्रने²ढ़संकल्पोंकेसाथसभीप्रकारकीरुढि़योंकोतोड़तेहुएकरियरकीबुलंदियोंकोहासिलकियाहै।यहजीवंतउदाहरणदूसरोंकेलिएप्रेरणादायीहै।मनीषनेरघुनंदनसेठउच्चविद्यालयसिघियाघाटसेवर्ष2011मेंमैट्रिककीपरीक्षाद्वितीयश्रेणी,जनतामहाविद्यालयसिघियाबुजुर्गसेवर्ष2013मेंइंटरमीडिएटकीपरीक्षाप्रथमश्रेणीऔरवर्ष2016मेंग्रेजुएशनकीपरीक्षाद्वितीयश्रेणीसेउत्तीर्णकीहै।दुकानदारीकाकामदेखतेहुएआसपासकेयुवाओंकेसाथसंजीतस्मृतिक्लबसेतैयारीकरतेरहे।इसक्रममेंभारतीयरेलकेग्रुपडीऔरएएलपी/टेक्निशियनमेंचूकगए।मगर,भारतीयरेलवेमेंकार्यरतचचेरेभाईसुधीरकुमारपंडितसेप्रेरणालेकरहिम्मतनहींहारी।मार्गदर्शकसचिनकुमार,जितेन्द्रशर्मा,शुभमकुमार,अजयरंजनआदिकेखुशियोंकाठिकानानहींहै।मनीषकेमाता-पिताकीमानेंतोलाखोंमुसीबतेंझेलकरपुत्रकीपढ़ाईकरवानेकेबादआजसारेक्लेशमिटरहे।