यूक्रेन से सकुशल लौटी मेडिकल की छात्रा पुनीत कौर, 15 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची थी रोमानिया बार्डर

जागरणसंवाददाता,गुरदासपुर:यूक्रेनमेंफंसेविद्यार्थियोंमेंसेजिलेकेगांववरसोलानिवासीमेडिकलकीछात्रापुनीतकौरसकुशलअपनेघरवापसलौटआईहै।सुरक्षितवापसलानेपरछात्राकेपरिवारनेकेंद्रसरकारकाआभारव्यक्तकियाहै।साथहीविद्यार्थियोंकोलेकरपंजाबसरकारकीओरसेदिखाईजारहीबेरुखीपरभीसवालउठाएगएहैं।

यूक्रेनसेलौटीपुनीतकौरनेबतायाकिवहमेडिकलकीछठेवर्षकीछात्राहै।हमलेकेवक्तवहट्रेनमेंसफरकररहीथी।यूक्रेनमेंमाहौलखराबहोनेकेचलतेपरिवारनेउसेघरआनेकेलिएकहाथा।हमलेकेपहलेदिनकेबादहीउसकीफ्लाइटथी।हमलेकेबादउन्होंनेअपनेएजेंटसेसंपर्ककियातोउन्होंनेबतायाकिहमलाहोचुकाहै,इसलिएवहवहींपररहे।वापसआनेकीजरूरतनहींहै।वहदोदिनतकवहींपररही।इसकेबादविश्वविद्यालयकेबच्चोंनेबसोंकाप्रबंधकिया,जिससेवहरोमानियाबार्डरपरपहुंची।हालांकिबसबार्डरसे15किलोमीटरपहलेरुकगई।उसे15किलोमीटरकासफरपैदलतयकरकेबार्डरपरपहुंचनापड़ा।बार्डरपरलोगोंकीकाफीअधिकभीड़थीऔरदहशतकामाहौलबनाहुआथा।उन्होंनेबतायाकिवहांपरतैनातबार्डरसिक्योरिटीफोर्सउन्हेंपूरासहयोगकरनेकाप्रयासकररहीथी,लेकिनभीड़अधिकहोनेकेचलतेउनकेलिएभीकाफीमुश्किलहोरहाथा।इसकेबादकाफीमशक्कतकरनेकेबादउन्होंनेआखिरमेंबार्डरक्रासकरलिया।बार्डरक्रासकरनेकेबादआगेबसकाप्रबंधथाऔरएंबेंसीकेसदस्यभीउपलब्धथे।एंबेंसीप्रबंधकोंद्वाराउनकेनामऔरपासपोर्टआदिसंबंधीजानकारीहासिलकीजारहीथी।इसकेबादउन्होंनेफ्लाइटकाप्रबंधकरवादिया।उन्होंनेसकुशलअपनेघरपहुंचनेकेलिएकेंद्रसरकारकाआभारव्यक्तकियाऔरयूक्रेनमेंफंसेअन्यविद्यार्थियोंकीभीसकुशलवापसीकेलिएप्रार्थनाकी।पंजाबसरकारनेबच्चोंकोएयरपोर्टसेलानेकानहींकियाप्रबंध

पुनीतनेबतायाकिमुंबईएयरपोर्टपरसभीराज्योंकीसरकारोंद्वाराबच्चोंकोवहांसेलानेकाप्रबंधकियागयाहैजबकिपंजाबसरकारकीओरसेऐसाकुछनहींकियागया।इसकेचलतेउसेखुदहीघरपहुंचनेकाप्रबंधकरनापड़ा।पुनीतकीमांबलजीतकौरवपिताबलदेवसिंहनेअपनीबेटीकेसकुशलघरपहुंचनेपरकेंद्रसरकारकाआभारव्यक्तकिया।उन्होंनेकहाकिजिसतरहउनकीबेटीघरपहुंचगईहै।उनकीप्रार्थनाहैकिशेषबच्चेअपनेघरजल्दसेजल्दपहुंचजाए।